A Knowledge buddy for Ayurveda Study.

Sometimes you need advice, Ask a teacher to solve your problems.

Sometimes you need advice, Ask a teacher to solve your problems.

Thursday, July 16, 2020

Weight Gain Diet

क्सर देखा जाता है कि जो लोग मोटे होते है वे हमेशा पतला होने का सोचते है जिस कारण वे कई तरह की चीज़े उपयोग करते है, लेकिन क्या आपको पता है कि जो लोग पतले होते है उनहे भी बहुत सी सामाजिक बुरइयो का सामना करना पड़ता है. पतले लोग अपने शरीर को लेकर अक्सर हीन भावना का शिकार रहते हैं. इस वजह से कई बार वह भीड़ के बीच जाने से भी कतराते हैं. उन्हें इस बात का डर रहता है कि कोई उनके पतले शरीर को देख कर उनका उपहास ना उड़ाए.

अगर आप बहुत ज्यादा पतले हैं तो हो सकता है कि आप भी इसी समस्या से परेशान हों. दुबले शरीर पर कपड़ों की फिटिंग सही नहीं आती. इसके अलावा पतला शरीर होने से फिगर भी अच्छा नहीं लगता. अगर आप बहुत ज्‍यादा पतले हैं तो आप नीचे दिये गए नुस्‍खों को आजमा कर अपना वजन बढ़ा सकते हैं. अपना खान-पान ठीक रखें और बाहर का जंक फूड ना खाएं. इससे आपके शरीर का मेटाबॉलिज्‍म बढ़ेगा और आप स्‍वस्‍थ रहेंगे. जिससे आपका शरीर हेल्दी और आकर्षक दिखेगा.

प्रोटीन : प्रोटीन युक्त डाइट लेने से वजन बढ़ता है और मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है. आपको दूध, चीज, मूंगफली, बटर, खजूर, दालें और बींस जैसी चीज़ें खानी चाहिये. अगर आप चाहें तो बनाना मिल्‍क शेक भी पी सकती हैं क्योंकि केला खाने से वजन बढ़ता है. सुबह बनाना शेक का एक गिलास और शाम को मैंगो शेक का एक गिलास वजन बढ़ाने के लिये पियें.

आलू : आलू जैसी जड़ों वाली सब्जी में कार्बोहाइड्रेट्स और शुगर की काफी मात्रा होती है जिससे शरीर को जरूरी फैट मिलता है. रोजाना निश्चित मात्रा में पके हुए या ग्रिल्ड आलू का सलाद, सैंडविच या अन्य प्रकार के भोजन का सेवन करके कुछ ही दिनों में वजन बढ़ाया जा सकता है.

बादाम : अगर आपको स्‍वस्‍थ और खूबसूरत दिखना है तो आप बादाम का सेवन जरुर करें. इससे आपको ताकत मिलेगी, वजन बढ़ेगा और विटामिन, आयरन, फॉसफोरस और कैल्‍शियम की भी प्राप्‍ती होगी. 12 बादाम रात में भिगो कर रखें और सुबह छिलके निकाल कर पीस लें. इसमें 1 चम्‍मच बटर और मिसरी मिला कर गरम दूध के साथ खाएं.

शहद : यह पाचन क्रिया को सही करता है और वजन भी बढ़ाता है. पतली लड़कियों को 1 चम्‍मच शहद एक गिलास गरम दूध में मिला कर लेना चाहिये.

जौ : रात को मुठ्ठी भर जौ के दानों को भिगो कर रखें. सुबह उसके छिलके को निकाल कर दूध में उबाल कर खीर तैयार कर लें. फिर इसमें शक्‍कर या शहद मिला कर खाएं. इसमें दो खजूर भी डाल सकती हैं.

रोजाना व्‍यायाम करें : रोजाना व्‍यायाम करने से आपके शरीर का फैट मासपेशियों में तबदील हो जाएगा. कुछ योग आसन और सांस लेने वाली एक्‍सरसाइज़ करें, जिससे शरीर से विषैले पदार्थ निकलें और शरीर की स्‍टैमिना बढ़े. आप चाहें तो सर्वांगआसन, ब्रिज पोज, कैट पोज और शवआसन रोज कर सकती हैं

Share:

Corona Testing Procedure

Cororna Testing Procedure



Share:

Wednesday, July 15, 2020

आयुर्वेदिक काढा बनाने की विधि : Procedure to make ayurvedic Kadha

 आयुर्वेदिक काढा बनाने की विधि : Procedure to make ayurvedic Kadha

कहते हैं कि इलाज से बेहतर बचाव है। कोरोना वायरस महामारी के बारे में भी यही बात बिल्कुल सटीक बैठती है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए  अपनी प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करना सबसे ज्यादा जरूरी है। आयुर्वेद में ऐसी कई चीजें बताई गई हैं, जो किसी जड़ी-बूटी की तरह काम करती है। हम जिन मसालों का सब्जी बनाने में इस्तेमाल करते हैं, उनके इस्तेमाल का तरीका बदलकर हम उसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले काढ़े के रूप में कर सकते हैं। आइए, जानते हैं तुलसी और काली मिर्च के पाउडर बना काढ़ा- 

सामग्री :-
4 से 5 तुलसी के पत्ते- 1/2 छोटी चम्मच इलायची पाउडर
- 1/4 छोटी चम्मच काली मिर्च पाउडर
- 1 इंच अदरक
- 3 से 4 मुनक्का
- आपके पास इसमें से जो भी उपलब्ध है, आप उसे ड़ालकर इसे तैयार कर सकते हैं। 
विधि :-
एक पैन या कोई भी चाय बनाने वाले बर्तन में दो ग्लास पानी डालें। अब इसमें तुलसी, इलाइची पाउडर, काली मिर्च, अदरक और मुनक्का डाल दें। अब इस मिक्सचर को मिला लें और इसे 15 मिनट तक उबाल लें। इसके बाद इसे ठंडा होने रख दें और छानकर पी लें। इसमें आप स्वाद के लिए गुड़ या नींबू का रस भी मिल सकते हैं
विटामिन-सी और आयरन से भरी है तुलसी 
तुलसी की पत्तियों में विटामिन और खनिज तत्व मौजूद होते हैं। इसमें मुख्य रूप से विटामिन सी, कैल्शियम, जिंक और आयरन आदि पाए जाते हैं। इससे गले और पेट के रोगों में आराम मिलता है।
 काली मिर्च में पोषक तत्व 
काली मिर्च में पैपरीन नामक तत्व पाया जाता है। यह तत्व औषधीय गुणों से भरपूर है। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंग्नीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं

खांसी-जुकाम के लिए रामबाण है अदरक 
अदरक में अनेक विटामिंस के साथ-साथ मैग्नीज और कॉपर भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो शरीर के लिए काफी फायदेमंद माने जाते हैं। अदरक को सर्दी-खांसी के लिए नेचुरल दवाई (Netural Medicine) के रूप में रामबाण माना जाता है।

खून की कमी पूरी करता है मुनक्का 
मुनक्के में विटामिन बी काम्प्लेक्स और आयरन होता है। ये शरीर में खून की कमी को पूरा करने, थकान और कमजोरी से छुटकारा दिलाने, साथ ही इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।
इलायची के पोषक तत्व 
पाचन क्रिया को मजबूत बनाने के लिए इलायची और दूध दोनों में फाइबर नामक पोषक तत्व पाया जाता है। फाइबर हमारे पाचन के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है।
Share:

Tuesday, July 14, 2020

Ayurveda General Practice- A practical Manual in Ayurveda

Ayurveda General Practice- A practical Manual in Ayurveda
Click here to download
This e-book is all about natural health and natural remedies, and my intention is to stop you from running to the doctor at the slightest sneeze or rumbling in your stomach. Why not try and find out how to take care of minor ailments with whatever is available in your kitchen and refrigerator?
The natural healing powers of some common vegetables, fruits and spices 
are simply amazing. Mother Nature has gifted us with so many things 
which we are not aware of. This book is my humble attempt to bring you 
closer to her.
Share:

Sunday, July 12, 2020

Corona : Causes, symptoms and treatment

Detail Description about Corona virus Disease According to Ayurveda


Reference:-
सुशुत संहिता
सूत्र स्थान : - अध्याय ६ : ऋतूचर्या

Causes:-
  • कदाचिदव्यापनेष्वपि ऋतुषु- inapproprial seasons
  • कृत्यकर्म- wrong karma
  • अभिशाप:- curse of animals and kinc
  • राक्षस :- demons ( viruses, bacteria )
  • क्रोध- disrespectful for Nature
  • अधर्म :-nonreligiousy
  • रुपध्यस्यन्ते जनपदाः, breakdown living culture
  • बापुनोपनीते तेनाक्रम्यते :- vitiated air like substance and it creates effect
  • यो देशस्तत्र दोषप्रकृत्यविशेषेण: Convert or mutant to nation by nation

Symptoms:-
  • कास -coughing
  • श्वास - breathlessness
  • वमथु vomiting
  • प्रतिश्याय - running nose
  • शिरोरुग- headache
  • ज्वरे fever
.... रुपतप्यन्ते ।
विविधरोगप्रादुर्भाव भरको वा भवेदिति
Various disease and epidemies are
manifested.

चिकित्सा: - treatment
तत्र.
  • कथानपरित्याग :- retum to home
  • शान्तिकर्म :- work and maintain peace
  • प्रायश्चित: ready to pay for penalty
  • मङ्गल:- Being prosperous
  • जप:- keep mind Busy
  • होम:- ritual habits like hand wash
  • उपहारों - Gift right scene
  • ईज्याञ्जलि :- sacrifices
  • नमस्कार :- you know well
  • तपो:- Austerity
  • नियम :- make and follow rules
  • दया- kind towards living beings
  • दान :- contribution
  • दीक्षा:- purpose of purifying World
  • अभ्युपगम :- acceptence
  • देवताहमणगुरुपरैभवितव्यम्:- pray together to god.

Other Treatment :-
Immunity boosters can also be helpful in corona
Some immunity boosters:- Mahakashaadi kadha, Chamanprash, etc
Other Medicines:- Mahasudarshan churna, Sitopaladi churna, Patanjali Coronil Kit,etc.
........एवं साधु भवति ।

............You definitely get win
Ayurveda is not compulsory but its necessary
Think it's older than any science but still most effective
Respect our proud
Respect our tradkion
Respect our medicine
Respect our Ayurveda
Share:

Saturday, July 11, 2020

घमोरियों का आयुर्वेदिक इलाज Ayurvedic treatment for heat rash (prickly heat)

घमोरियों का आयुर्वेदिक इलाज Ayurvedic treatment for heat rash (prickly heat)

1.एलोवेरा जेल :-
इसके लिए आप एलोविरा की जेल निकाल कर अपने बच्चे के
शरीर के प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। यह त्वचा की सूजन को
कम करके लालिमा को खत्म करने में मदद करेगा और बच्चे
को राहत देगा।
2.दही:-
आप अपने शिशु को नहलाने से पहले पूरे शरीर पर दही
लगाकर 5 मिनट तक रहने दें। दही ठंडी होती है और इसके
लेप से बच्चे को काफी ठंडक मिलेगी और घमौरियों से भी
राहत मिलेगी।
3.मुल्तानी मिट्टी:-
मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का लेप भी घमौरियों से
निजात दिलाने में मदद करता हैं। मुल्तानी मिट्टी और गुलाब
जल का लेप शिशु के शरीर पर लगाये, फिर 5 से 10 मिनट
बाद शिशु को नहला दे।
4.मेहंदी पावडर:-
मेहंदी पावडर और थोड़ा पानी मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर ले और इसे त्वचा के प्रभावित हिस्सों पर लगाएं। फिर 15 मिनट बाद इसे ठंडे पानी से धी लें। इससे त्वचा पर मेहंदी की थोड़ी छाप भी रह जाती है।
5.कच्चा प्याज:-
कच्चा प्याज को खाने से शरीर को तेज गर्मी में भी बा तो
घमौरी होती हैं और वा ही लू लगती हैं। कच्चा प्याज को आपं
भोजन में कई तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। प्याज का
सलाद एक अच्छा विकल्प हैं।

1. Aloe vera gel: -
For this, you can get out of your child by removing Aloe Vera's jail Apply on the affected parts of the body.  It causes inflammation of the skinReduce the redness and help the child will give relief to

 2.Curd: -
Curd all over your body before you bathe your baby Let it sit for 5 minutes.  Curd is cold and it's  baby will get a lot of cold from the paste and also from heat rash will be relieved

 3. Multani Mitti: -
 Multani mitti and rose water paste also from heat rash Helps in getting rid of.  Multani mitti and rose Apply water to the baby's body, then 5 to 10 minutes after giving the baby a bath.

 4. Mehndi powder: -
Prepare a paste by mixing mehndi powder and some water and apply it on the affected parts of the skin.  Then after 15 minutes, slow it down with cold water.  Due to this, there is a slight impression of mehndi on the skin.

 5. Raw Onion: -
 By eating raw onion, the body is in a hot heat It is rash and it causes heatstroke.  Raw onion Can be used in many ways in food.  Of onion Salads are a good choice.

Share:

पानी जीवन का आधार लेकिन सही तरीके से पीना जरूरी

हमें खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी पीना है, ये याद रखे कि डेढ़
घंटे बाद ही पानी पीना है. लेकिन पानी कैसे पीना है, ये बहुत महत्व की बात है. आप अभी सामान्य रूप से पानी कैसे पीते है, एक गिलास पानी भरा मुह में लगाया गट गट गट एक बार में ही पी लिया, गिलास एक बार में ही ख़त्म. कुछ लोग मुंह खोल लेते है, और खोलकर ऊपर से गिराते है. और पानी लगातार गटकते जाते है ये दोनों तरीके बहुत गलत है. अगर आप घट घट घट लगातार पानी पी रहे है तो आपके शरीर में तिन रोग तो जरुर आने वाले है, पहला Appendicitis, दूसरा हर्निया (आंतों का उतरना) और तीसरा Hydrocele. ये हर्निया सबसे ज्यादा उन्ही लोगो को आता है जो पूरा गट गट के एक बार में ही पानी पीते है और जो Hydrocele है ये थोड़ी उम्र के बाद आती है विशेष रूप से ये पुरषों में आती है. हर्निया तो माताओं में भी आ जाता है लेकिन ये Hydrocele मर्दों की बीमारी है. ये तीनो रोग उन लोगो को जरुर आते है जो एक साथ पूरा लोटा या गिलास पानी गटकते है

मतलब ये कि एक साथ गट गट पानी पीना अच्छा नही है तो आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि पानी कैसे पीना है. तो हम आपको भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया तरीका बताते है. जो पानी पिने का सबसे उत्तम नियम है. आयुर्वेद में पानी पीने का सही तरीका वही बताया गया है जैसे आप चाय पीते है जैसे आप कॉफ़ी पीते है और जैसे आप गर्म दूध पीते है. सिप-सिप करके पीना है. एक सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद दूसरा सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद तीसरा दीप लिया.

आप कहेंगे कि ऐसे पानी पिने में तो बहुत समय जाएगा. जाने दीजिये थोडा ही जाएगा ज्यादा नहीं. इस समय को मत बचाइए नहीं तो यही बचाया हुआ समय हॉस्पिटल में जायेगा और अकेला समय नहीं जाएगा साथ में पैसे भी लेकर जायेगा. 15 दिन हॉस्पिटल में एडमिट रहना पड़े या एक महिना रहना पड़े तो उससे पैसे भी जायेगा और समय भी जायेगा. तो आप अभी समय बचाने के चक्र में क्यों है. सिप सिप करके पानी पीजिये आराम से पानी पीजिये. अपने कभी छोटे बच्चो को देखा है, वो मुह पूरा फुला लेते है और पानी को पुरे मुंह में घुमा के एक एक घुट पीते है. आपको ऐसा लगेगा कि वो मस्ती कर रहे है लेकिन वो मस्ती नही कर रहा है, वो बहुत वैज्ञानिक है, ये सबसे अच्छा तरीका है क्योकि अगर आप पानी को मुह में पूरा घुमाएंगे तो मुह में जो लार है वो पानी के साथ मिलेगी और शरीर के अंदर जाएगी. और आपको ये पहले से ही पता है कि मुंह की लार क्षारीय (Alkaline) है पेट में जो है वो अम्ल (Acid) है अम्ल और छार मिलते है तो शरीर को नियुट्रल  बनाते है जो सबसे अच्छी स्थिति है.

आप ये समझ लीजिए कि पानी के साथ जितनी ज्यादा लार मुंह में जाएगी. उतना ही अम्ल के साथ उसका मिलन अच्छा होगा, शरीर में उतनी क्वालिटी आयगी. इसलिए पानी पिने के लिए उसको एक बार मुह में भरिये. थोड़ी देर उसको मुंह में घुमाइए, ताकि लार उसमे मिल जाए, तब उसको नीचे उतरिये. ये सबसे अच्छा तरीका है.

पानी भोजन के डेढ़ घंटे बाद पीना है. ये पहला नियम और दूसरा नियम ये कि पानी ह्मेशा सिप सिप करके पीना है, घूंट घूंट करके पीना है, एक साथ पूरा गट गट नही उतरना. आप अगर ध्यान देंगे जो जानवर जितना धीरे पानी पीते है, वो उतने ही ज्यादा चुस्त और दरुस्त होते है. आपने देखा है कई जानवर है जो जीभ से चाटकर पानी पिते है. शेर बबर-शेर, लकड भगा, कुत्ता, भेड़िया, ये सब जीभ से चाटकर पानी पीते है और इनकी चुस्ती और फुर्ती इतनी तीव्र है जो आपने कई बार देखि भी होगी. क्या आप जानते है चिता राजधानी की स्पीड से दोड सकता है राजधानी 140 किलोमीटर की रफ्तार से दोड सकती है चीते की इतनी मिनिमम स्पीड होती है. ये इसलिए चाट कर पीते है क्योकि चाट कर पानी पिने से शरीर में चुस्ती और फुर्ती आती है. लेकिन आप बोलेंगे हम तो नही पी सकते. तो चाट के तो नही पी सकते, थोडा थोडा तो पी ही सकते है. सिप सीप करके ऐसे पानी पीजिये.

• क्या आपने कभी पक्षियों को देखा है. पक्षियों में चिड़िया के सामने अगर एक बर्तन में पानी रखा है तो वो एक एक बूंद पानी का उठती है. लगातार उसमे पानी भर के पानी नही चूसेगी. एक बार उठाएगी, फिर वापस मुह लगाएगी, फिर दूसरा उठाएगी, इस तरह से एक एक ड्राप पानी पीती है, और चिड़ियाँ भी बहुत चुस्त और दरुस्त रहती है. अगर आप चाहे तो बच्चों से भी सिख लीजिये. मुह में थोड़ी देर पानी भरिये इधर उधर घुमाइए फिर नीचे उतरिये बहुत अच्छी एक्सरसाइज है.
Share:

Search This Blog

Ayulearn

Ayulearn collects all the resources and help students meticulously sort out the topics based on CCIM for Ayurvedic curriculum.Ayulearn is not just for college students , but we also help high school students decide their most suitable stream.Ayulearn provides you all the videos and related documents to easy learning .The data has been collected categorically to help students to reach out to the required resources whenever needed.

Contributors

Download Ayulearn study app

Putting Children First. Preparing Children For Success In Life

Download Ayulearn study app

Popular Posts

Blog Archive